जय श्री कृष्ण 🙏
व्रज – अधिक ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष एकादशी
Wednesday, 27 May 2026
(रमा एकादशी व्रत)
चंदनी मलमल का पिछोड़ा एवं श्रीमस्तक पर छज्जेदार पाग पर तुर्रा का श्रृंगार
आज के मनोरथ
- राजभोग में चंदन की चोली कली के आभरण दानगढ़ मानगढ
- शाम को आज नवनिकुंज अति शोभा
राजभोग दर्शन –
कीर्तन – (राग : सारंग)
चंदन को वागो पहिरे चंदन की खोर कीये, चंदन के रुखतरे ठाड़े पिय प्यारी l
चंदन की पाग शिर चंदन को फेंटा, बन्यो चंदन की चोली तन चंदन की सारी ll 1 ll
चंदन की आरसी ले निरखत दोऊ जन हंस हंस गिर जात भरत अंकवारी l
‘सूरदास’ मदन मोहन चंदभवनमें बैठे, गावत सारंग राग रंग रह्यो भारी ll 2 ll
साज – आज श्रीजी में निकुंज के भाव की चित्रांकन की पिछवाई धरायी है.गादी, तकिया एवं चरणचौकी पर सफ़ेद बिछावट की है.
वस्त्र – आज श्रीजी को चंदन रंग की मलमल का पिछोड़ा एवं चंदन की चोली धराये है.
श्रृंगार – आज प्रभु को छेड़ान का (कमर तक) ऊष्णकालीन हल्का श्रृंगार धराया है. मोती के आभरण धराये हैं.
श्रीमस्तक पर छज्जेदार पाग के ऊपर तुर्रा धराये हैं.श्रीकर्ण में एक जोड़ी कर्णफूल धराये हैं. पुष्पों की कलात्मक थागवाली मालाजी धरायी हैं.
श्रीहस्त में कमलछड़ी, झीने लहरियां के वेणुजी एवं एक वेत्रजी धराये हैं. पट ऊष्णकाल का व गोटी राग रंग की है.

